पंचक रहित मुहूर्त · सूरत

रविवार, 4 अक्टूबर 202606:3118:24

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • अग्नि पंचक06:31 –07:31
  • शुभ मुहूर्त07:31 –09:44
  • राज पंचक09:44 –12:00
  • शुभ मुहूर्त12:00 –14:05
  • चोर पंचक14:05 –15:53
  • शुभ मुहूर्त15:53 –17:28
  • रोग पंचक17:28 –19:00
  • चोर पंचक19:00 –20:42
  • शुभ मुहूर्त20:42 –22:41
  • रोग पंचक22:41 –00:13, 5 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:13, 5 अक्टू॰ –00:54, 5 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक00:54, 5 अक्टू॰ –03:09, 5 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक03:09, 5 अक्टू॰ –03:54, 5 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त03:54, 5 अक्टू॰ –05:19, 5 अक्टू॰
  • राज पंचक05:19, 5 अक्टू॰ –06:31, 5 अक्टू॰

सूरत के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

सूरत में 4 अक्टूबर 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:31, सूर्यास्त 18:24।

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