पंचक रहित मुहूर्त · श्रीनगर

सोमवार, 3 मई 202705:4019:16

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • अग्नि पंचक05:40 –06:22
  • शुभ मुहूर्त06:22 –08:14
  • राज पंचक08:14 –10:30
  • शुभ मुहूर्त10:30 –12:55
  • चोर पंचक12:55 –15:19
  • शुभ मुहूर्त15:19 –17:41
  • रोग पंचक17:41 –20:04
  • शुभ मुहूर्त20:04 –20:06
  • मृत्यु पंचक20:06 –22:28
  • अग्नि पंचक22:28 –00:30, 4 मई
  • शुभ मुहूर्त00:30, 4 मई –02:08, 4 मई
  • राज पंचक02:08, 4 मई –03:19, 4 मई
  • शुभ मुहूर्त03:19, 4 मई –03:29, 4 मई
  • चोर पंचक03:29, 4 मई –04:48, 4 मई
  • राज पंचक04:48, 4 मई –05:39, 4 मई

श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

श्रीनगर में 3 मई 2027 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:40, सूर्यास्त 19:16।

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