पंचक रहित मुहूर्त · श्रीनगर

गुरुवार, 4 मार्च 202706:5618:29

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त06:56 –07:24
  • मृत्यु पंचक07:24 –07:29
  • अग्नि पंचक07:29 –08:48
  • शुभ मुहूर्त08:48 –10:18
  • मृत्यु पंचक10:18 –12:10
  • अग्नि पंचक12:10 –14:26
  • शुभ मुहूर्त14:26 –16:51
  • राज पंचक16:51 –19:15
  • शुभ मुहूर्त19:15 –21:37
  • चोर पंचक21:37 –00:02, 5 मार्च
  • शुभ मुहूर्त00:02, 5 मार्च –01:35, 5 मार्च
  • रोग पंचक01:35, 5 मार्च –02:23, 5 मार्च
  • शुभ मुहूर्त02:23, 5 मार्च –04:26, 5 मार्च
  • मृत्यु पंचक04:26, 5 मार्च –06:04, 5 मार्च
  • अग्नि पंचक06:04, 5 मार्च –06:55, 5 मार्च

श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

श्रीनगर में 4 मार्च 2027 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:56, सूर्यास्त 18:29।

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