पंचक रहित मुहूर्त · श्रीनगर

सोमवार, 31 अगस्त 202606:0318:58

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त06:03 –07:26
  • रोग पंचक07:26 –08:51
  • शुभ मुहूर्त08:51 –09:48
  • मृत्यु पंचक09:48 –12:13
  • अग्नि पंचक12:13 –14:35
  • शुभ मुहूर्त14:35 –16:37
  • राज पंचक16:37 –18:15
  • शुभ मुहूर्त18:15 –19:36
  • चोर पंचक19:36 –20:55
  • राज पंचक20:55 –22:25
  • शुभ मुहूर्त22:25 –00:18, 1 सित॰
  • चोर पंचक00:18, 1 सित॰ –02:34, 1 सित॰
  • शुभ मुहूर्त02:34, 1 सित॰ –03:23, 1 सित॰
  • रोग पंचक03:23, 1 सित॰ –04:59, 1 सित॰
  • शुभ मुहूर्त04:59, 1 सित॰ –06:04, 1 सित॰

श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

श्रीनगर में 31 अगस्त 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:03, सूर्यास्त 18:58।

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