पंचक रहित मुहूर्त · मैसूरु

गुरुवार, 10 जुलाई 203106:0518:53

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • मृत्यु पंचक06:05 –06:17
  • अग्नि पंचक06:17 –06:37
  • शुभ मुहूर्त06:37 –08:46
  • राज पंचक08:46 –10:48
  • शुभ मुहूर्त10:48 –12:49
  • चोर पंचक12:49 –14:55
  • शुभ मुहूर्त14:55 –17:07
  • रोग पंचक17:07 –19:14
  • शुभ मुहूर्त19:14 –21:08
  • मृत्यु पंचक21:08 –22:50
  • अग्नि पंचक22:50 –00:31, 11 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त00:31, 11 जुल॰ –02:19, 11 जुल॰
  • मृत्यु पंचक02:19, 11 जुल॰ –02:34, 11 जुल॰
  • अग्नि पंचक02:34, 11 जुल॰ –04:22, 11 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त04:22, 11 जुल॰ –05:26, 11 जुल॰
  • राज पंचक05:26, 11 जुल॰ –06:05, 11 जुल॰

मैसूरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

मैसूरु में 10 जुलाई 2031 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 18:53।

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