पंचक रहित मुहूर्त · मैसूरु

शनिवार, 31 अगस्त 203006:1318:35

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त06:13 –07:00
  • मृत्यु पंचक07:00 –07:23
  • अग्नि पंचक07:23 –09:24
  • शुभ मुहूर्त09:24 –11:30
  • राज पंचक11:30 –13:41
  • शुभ मुहूर्त13:41 –15:49
  • चोर पंचक15:49 –17:42
  • शुभ मुहूर्त17:42 –19:25
  • रोग पंचक19:25 –21:05
  • चोर पंचक21:05 –22:54
  • शुभ मुहूर्त22:54 –00:31, 1 सित॰
  • रोग पंचक00:31, 1 सित॰ –00:56, 1 सित॰
  • शुभ मुहूर्त00:56, 1 सित॰ –03:08, 1 सित॰
  • मृत्यु पंचक03:08, 1 सित॰ –05:17, 1 सित॰
  • अग्नि पंचक05:17, 1 सित॰ –06:01, 1 सित॰
  • शुभ मुहूर्त06:01, 1 सित॰ –06:13, 1 सित॰

मैसूरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

मैसूरु में 31 अगस्त 2030 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:13, सूर्यास्त 18:35।

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