पंचक रहित मुहूर्त · मैसूरु

शनिवार, 31 जनवरी 202606:4918:25

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • मृत्यु पंचक06:49 –07:40
  • अग्नि पंचक07:40 –08:26
  • शुभ मुहूर्त08:26 –09:22
  • राज पंचक09:22 –11:03
  • अग्नि पंचक11:03 –12:51
  • शुभ मुहूर्त12:51 –14:54
  • राज पंचक14:54 –17:05
  • शुभ मुहूर्त17:05 –19:14
  • चोर पंचक19:14 –21:16
  • शुभ मुहूर्त21:16 –23:17
  • रोग पंचक23:17 –01:23, 1 फ़र॰
  • शुभ मुहूर्त01:23, 1 फ़र॰ –01:34, 1 फ़र॰
  • मृत्यु पंचक01:34, 1 फ़र॰ –03:35, 1 फ़र॰
  • अग्नि पंचक03:35, 1 फ़र॰ –05:42, 1 फ़र॰
  • शुभ मुहूर्त05:42, 1 फ़र॰ –05:53, 1 फ़र॰
  • राज पंचक05:53, 1 फ़र॰ –06:49, 1 फ़र॰

मैसूरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

मैसूरु में 31 जनवरी 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:49, सूर्यास्त 18:25।

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