पंचक रहित मुहूर्त · मथुरा

शुक्रवार, 30 अप्रैल 202705:4118:52

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त05:41 –06:34
  • मृत्यु पंचक06:34 –08:31
  • अग्नि पंचक08:31 –10:45
  • शुभ मुहूर्त10:45 –13:04
  • राज पंचक13:04 –15:20
  • शुभ मुहूर्त15:20 –17:14
  • चोर पंचक17:14 –17:36
  • शुभ मुहूर्त17:36 –19:54
  • रोग पंचक19:54 –22:12
  • शुभ मुहूर्त22:12 –23:10
  • मृत्यु पंचक23:10 –00:16, 1 मई
  • अग्नि पंचक00:16, 1 मई –01:59, 1 मई
  • शुभ मुहूर्त01:59, 1 मई –03:28, 1 मई
  • राज पंचक03:28, 1 मई –04:54, 1 मई
  • अग्नि पंचक04:54, 1 मई –05:41, 1 मई

मथुरा के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

मथुरा में 30 अप्रैल 2027 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:41, सूर्यास्त 18:52।

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