पंचक रहित मुहूर्त · मथुरा

बुधवार, 21 अप्रैल 202705:5018:47

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त05:50 –07:10
  • मृत्यु पंचक07:10 –09:06
  • अग्नि पंचक09:06 –11:20
  • शुभ मुहूर्त11:20 –13:40
  • राज पंचक13:40 –15:56
  • शुभ मुहूर्त15:56 –18:11
  • चोर पंचक18:11 –20:29
  • शुभ मुहूर्त20:29 –22:47
  • रोग पंचक22:47 –00:52, 22 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त00:52, 22 अप्रैल –02:35, 22 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक02:35, 22 अप्रैल –03:30, 22 अप्रैल
  • अग्नि पंचक03:30, 22 अप्रैल –04:03, 22 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:03, 22 अप्रैल –04:43, 22 अप्रैल
  • राज पंचक04:43, 22 अप्रैल –05:30, 22 अप्रैल
  • अग्नि पंचक05:30, 22 अप्रैल –05:49, 22 अप्रैल

मथुरा के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

मथुरा में 21 अप्रैल 2027 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 18:47।

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