पंचक रहित मुहूर्त · जयपुर

मंगलवार, 31 अगस्त 202706:0618:49

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त06:06 –07:24
  • राज पंचक07:24 –09:39
  • शुभ मुहूर्त09:39 –11:57
  • चोर पंचक11:57 –14:15
  • शुभ मुहूर्त14:15 –16:19
  • रोग पंचक16:19 –18:03
  • शुभ मुहूर्त18:03 –19:32
  • मृत्यु पंचक19:32 –20:59
  • रोग पंचक20:59 –22:20
  • शुभ मुहूर्त22:20 –22:35
  • मृत्यु पंचक22:35 –23:11
  • रोग पंचक23:11 –00:32, 1 सित॰
  • शुभ मुहूर्त00:32, 1 सित॰ –02:46, 1 सित॰
  • मृत्यु पंचक02:46, 1 सित॰ –05:05, 1 सित॰
  • अग्नि पंचक05:05, 1 सित॰ –06:06, 1 सित॰

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

जयपुर में 31 अगस्त 2027 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 18:49।

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