पंचक रहित मुहूर्त · जयपुर

रविवार, 2 अगस्त 202605:5219:14

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • राज पंचक05:52 –07:02
  • शुभ मुहूर्त07:02 –09:17
  • चोर पंचक09:17 –11:32
  • शुभ मुहूर्त11:32 –13:50
  • रोग पंचक13:50 –16:08
  • शुभ मुहूर्त16:08 –18:12
  • मृत्यु पंचक18:12 –19:56
  • अग्नि पंचक19:56 –21:25
  • शुभ मुहूर्त21:25 –21:37
  • राज पंचक21:37 –22:52
  • अग्नि पंचक22:52 –23:15
  • शुभ मुहूर्त23:15 –00:28, 3 अग॰
  • राज पंचक00:28, 3 अग॰ –02:25, 3 अग॰
  • शुभ मुहूर्त02:25, 3 अग॰ –04:39, 3 अग॰
  • चोर पंचक04:39, 3 अग॰ –05:52, 3 अग॰

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

जयपुर में 2 अगस्त 2026 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:52, सूर्यास्त 19:14।

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