पंचक रहित मुहूर्त · जयपुर

शुक्रवार, 30 अगस्त 202406:0518:49

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त06:05 –07:25
  • मृत्यु पंचक07:25 –09:40
  • अग्नि पंचक09:40 –11:58
  • शुभ मुहूर्त11:58 –14:15
  • राज पंचक14:15 –16:20
  • शुभ मुहूर्त16:20 –17:55
  • चोर पंचक17:55 –18:04
  • शुभ मुहूर्त18:04 –19:33
  • रोग पंचक19:33 –20:59
  • चोर पंचक20:59 –22:36
  • शुभ मुहूर्त22:36 –00:33, 31 अग॰
  • रोग पंचक00:33, 31 अग॰ –02:25, 31 अग॰
  • शुभ मुहूर्त02:25, 31 अग॰ –02:47, 31 अग॰
  • मृत्यु पंचक02:47, 31 अग॰ –05:06, 31 अग॰
  • अग्नि पंचक05:06, 31 अग॰ –06:06, 31 अग॰

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

जयपुर में 30 अगस्त 2024 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:05, सूर्यास्त 18:49।

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