पंचक रहित मुहूर्त · भुवनेश्वर

गुरुवार, 4 अगस्त 202205:2318:23

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • अग्नि पंचक05:23 –05:41
  • शुभ मुहूर्त05:41 –06:21
  • राज पंचक06:21 –08:31
  • शुभ मुहूर्त08:31 –10:39
  • चोर पंचक10:39 –12:51
  • शुभ मुहूर्त12:51 –15:06
  • रोग पंचक15:06 –17:12
  • शुभ मुहूर्त17:12 –18:48
  • मृत्यु पंचक18:48 –19:00
  • अग्नि पंचक19:00 –20:36
  • शुभ मुहूर्त20:36 –22:09
  • मृत्यु पंचक22:09 –23:51
  • अग्नि पंचक23:51 –01:51, 5 अग॰
  • शुभ मुहूर्त01:51, 5 अग॰ –04:03, 5 अग॰
  • राज पंचक04:03, 5 अग॰ –05:06, 5 अग॰
  • शुभ मुहूर्त05:06, 5 अग॰ –05:23, 5 अग॰

भुवनेश्वर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

भुवनेश्वर में 4 अगस्त 2022 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:23, सूर्यास्त 18:23।

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