पंचक रहित मुहूर्त · बेंगलुरु

सोमवार, 14 अप्रैल 203106:0818:32

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • अग्नि पंचक06:08 –06:12
  • शुभ मुहूर्त06:12 –07:32
  • मृत्यु पंचक07:32 –08:00
  • अग्नि पंचक08:00 –10:03
  • शुभ मुहूर्त10:03 –12:14
  • राज पंचक12:14 –12:38
  • शुभ मुहूर्त12:38 –14:24
  • चोर पंचक14:24 –16:26
  • शुभ मुहूर्त16:26 –18:28
  • रोग पंचक18:28 –20:34
  • शुभ मुहूर्त20:34 –22:46
  • मृत्यु पंचक22:46 –00:53, 15 अप्रैल
  • अग्नि पंचक00:53, 15 अप्रैल –02:47, 15 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:47, 15 अप्रैल –04:29, 15 अप्रैल
  • राज पंचक04:29, 15 अप्रैल –05:26, 15 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:26, 15 अप्रैल –06:07, 15 अप्रैल

बेंगलुरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

बेंगलुरु में 14 अप्रैल 2031 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:08, सूर्यास्त 18:32।

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