पंचक रहित मुहूर्त · बेंगलुरु
शुक्रवार, 4 अप्रैल 203106:1418:31
- राज पंचक06:14 –06:52
- अग्नि पंचक06:52 –08:40
- शुभ मुहूर्त08:40 –10:42
- राज पंचक10:42 –12:54
- शुभ मुहूर्त12:54 –15:03
- चोर पंचक15:03 –17:06
- शुभ मुहूर्त17:06 –19:07
- रोग पंचक19:07 –21:14
- शुभ मुहूर्त21:14 –22:51
- मृत्यु पंचक22:51 –23:26
- अग्नि पंचक23:26 –01:07, 5 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त01:07, 5 अप्रैल –01:33, 5 अप्रैल
- राज पंचक01:33, 5 अप्रैल –03:26, 5 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त03:26, 5 अप्रैल –05:08, 5 अप्रैल
- चोर पंचक05:08, 5 अप्रैल –06:14, 5 अप्रैल
बेंगलुरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
पंचक रहित मुहूर्त
पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।
इस दिन के लिए और
पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर
पंचक रहित मुहूर्त क्या है?
पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।
बेंगलुरु में 4 अप्रैल 2031 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?
सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:31।