पंचक रहित मुहूर्त · बेंगलुरु

रविवार, 23 फ़रवरी 203106:3918:27

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त06:39 –07:49
  • राज पंचक07:49 –09:29
  • अग्नि पंचक09:29 –11:17
  • शुभ मुहूर्त11:17 –13:19
  • राज पंचक13:19 –15:31
  • शुभ मुहूर्त15:31 –15:36
  • चोर पंचक15:36 –17:25
  • शुभ मुहूर्त17:25 –17:40
  • रोग पंचक17:40 –19:43
  • शुभ मुहूर्त19:43 –21:44
  • मृत्यु पंचक21:44 –23:51
  • अग्नि पंचक23:51 –02:03, 24 फ़र॰
  • शुभ मुहूर्त02:03, 24 फ़र॰ –04:10, 24 फ़र॰
  • राज पंचक04:10, 24 फ़र॰ –06:03, 24 फ़र॰
  • शुभ मुहूर्त06:03, 24 फ़र॰ –06:38, 24 फ़र॰

बेंगलुरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

बेंगलुरु में 23 फ़रवरी 2031 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:39, सूर्यास्त 18:27।

पंचक रहित मुहूर्त — अन्य शहर