पंचक रहित मुहूर्त · बेंगलुरु
रविवार, 1 सितंबर 203006:0918:31
- चोर पंचक06:09 –07:15
- शुभ मुहूर्त07:15 –09:16
- रोग पंचक09:16 –11:23
- शुभ मुहूर्त11:23 –13:35
- मृत्यु पंचक13:35 –15:42
- अग्नि पंचक15:42 –17:35
- शुभ मुहूर्त17:35 –19:17
- राज पंचक19:17 –20:57
- अग्नि पंचक20:57 –22:38
- शुभ मुहूर्त22:38 –22:45
- राज पंचक22:45 –00:47, 2 सित॰
- शुभ मुहूर्त00:47, 2 सित॰ –02:59, 2 सित॰
- चोर पंचक02:59, 2 सित॰ –04:51, 2 सित॰
- शुभ मुहूर्त04:51, 2 सित॰ –05:08, 2 सित॰
- रोग पंचक05:08, 2 सित॰ –06:09, 2 सित॰
बेंगलुरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
पंचक रहित मुहूर्त
पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।
इस दिन के लिए और
पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर
पंचक रहित मुहूर्त क्या है?
पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।
बेंगलुरु में 1 सितंबर 2030 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?
सूर्योदय 06:09, सूर्यास्त 18:31।