पंचक रहित मुहूर्त · बेंगलुरु

सोमवार, 1 जुलाई 203005:5718:50

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त05:57 –07:07
  • राज पंचक07:07 –09:16
  • शुभ मुहूर्त09:16 –11:19
  • चोर पंचक11:19 –13:15
  • शुभ मुहूर्त13:15 –13:20
  • रोग पंचक13:20 –15:27
  • शुभ मुहूर्त15:27 –17:39
  • मृत्यु पंचक17:39 –19:46
  • अग्नि पंचक19:46 –21:39
  • शुभ मुहूर्त21:39 –23:21
  • राज पंचक23:21 –01:01, 2 जुल॰
  • अग्नि पंचक01:01, 2 जुल॰ –02:49, 2 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त02:49, 2 जुल॰ –04:46, 2 जुल॰
  • राज पंचक04:46, 2 जुल॰ –04:51, 2 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त04:51, 2 जुल॰ –05:57, 2 जुल॰

बेंगलुरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

बेंगलुरु में 1 जुलाई 2030 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 18:50।

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