पंचक रहित मुहूर्त · बेंगलुरु

शुक्रवार, 14 जून 203005:5318:46

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • अग्नि पंचक05:53 –06:02
  • शुभ मुहूर्त06:02 –07:28
  • राज पंचक07:28 –08:14
  • शुभ मुहूर्त08:14 –10:23
  • चोर पंचक10:23 –12:26
  • शुभ मुहूर्त12:26 –14:27
  • रोग पंचक14:27 –16:34
  • शुभ मुहूर्त16:34 –18:45
  • मृत्यु पंचक18:45 –20:53
  • अग्नि पंचक20:53 –22:46
  • शुभ मुहूर्त22:46 –00:28, 15 जून
  • राज पंचक00:28, 15 जून –02:08, 15 जून
  • अग्नि पंचक02:08, 15 जून –02:18, 15 जून
  • शुभ मुहूर्त02:18, 15 जून –03:50, 15 जून
  • राज पंचक03:50, 15 जून –03:56, 15 जून
  • शुभ मुहूर्त03:56, 15 जून –05:54, 15 जून

बेंगलुरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

बेंगलुरु में 14 जून 2030 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:53, सूर्यास्त 18:46।

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