पंचक रहित मुहूर्त · बेंगलुरु
सोमवार, 4 फ़रवरी 203006:4518:22
- अग्नि पंचक06:45 –07:21
- शुभ मुहूर्त07:21 –09:03
- राज पंचक09:03 –10:43
- अग्नि पंचक10:43 –12:31
- शुभ मुहूर्त12:31 –14:33
- राज पंचक14:33 –16:45
- शुभ मुहूर्त16:45 –18:54
- चोर पंचक18:54 –20:25
- शुभ मुहूर्त20:25 –20:57
- रोग पंचक20:57 –22:58
- शुभ मुहूर्त22:58 –01:05, 5 फ़र॰
- मृत्यु पंचक01:05, 5 फ़र॰ –03:17, 5 फ़र॰
- अग्नि पंचक03:17, 5 फ़र॰ –04:38, 5 फ़र॰
- शुभ मुहूर्त04:38, 5 फ़र॰ –05:24, 5 फ़र॰
- राज पंचक05:24, 5 फ़र॰ –06:45, 5 फ़र॰
बेंगलुरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
पंचक रहित मुहूर्त
पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।
इस दिन के लिए और
पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर
पंचक रहित मुहूर्त क्या है?
पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।
बेंगलुरु में 4 फ़रवरी 2030 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?
सूर्योदय 06:45, सूर्यास्त 18:22।