पंचक रहित मुहूर्त · बेंगलुरु

बुधवार, 4 अप्रैल 202906:1418:31

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • मृत्यु पंचक06:14 –06:50
  • रोग पंचक06:50 –08:38
  • शुभ मुहूर्त08:38 –09:30
  • मृत्यु पंचक09:30 –10:40
  • अग्नि पंचक10:40 –12:52
  • शुभ मुहूर्त12:52 –14:05
  • राज पंचक14:05 –15:01
  • शुभ मुहूर्त15:01 –17:04
  • चोर पंचक17:04 –19:05
  • शुभ मुहूर्त19:05 –21:12
  • रोग पंचक21:12 –23:24
  • शुभ मुहूर्त23:24 –01:31, 5 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक01:31, 5 अप्रैल –03:24, 5 अप्रैल
  • अग्नि पंचक03:24, 5 अप्रैल –05:06, 5 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:06, 5 अप्रैल –06:13, 5 अप्रैल

बेंगलुरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

बेंगलुरु में 4 अप्रैल 2029 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:31।

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