पंचक रहित मुहूर्त · बेंगलुरु

गुरुवार, 25 अप्रैल 202406:0218:34

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • अग्नि पंचक06:02 –06:46
  • शुभ मुहूर्त06:46 –07:14
  • राज पंचक07:14 –09:16
  • शुभ मुहूर्त09:16 –11:28
  • चोर पंचक11:28 –13:37
  • शुभ मुहूर्त13:37 –15:40
  • रोग पंचक15:40 –17:41
  • शुभ मुहूर्त17:41 –19:48
  • मृत्यु पंचक19:48 –22:00
  • अग्नि पंचक22:00 –00:07, 26 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त00:07, 26 अप्रैल –02:00, 26 अप्रैल
  • राज पंचक02:00, 26 अप्रैल –02:24, 26 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:24, 26 अप्रैल –03:42, 26 अप्रैल
  • चोर पंचक03:42, 26 अप्रैल –05:22, 26 अप्रैल
  • राज पंचक05:22, 26 अप्रैल –06:01, 26 अप्रैल

बेंगलुरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

बेंगलुरु में 25 अप्रैल 2024 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 18:34।

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