पंचक रहित मुहूर्त · बेंगलुरु

रविवार, 17 मार्च 202406:2618:30

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • रोग पंचक06:26 –07:59
  • चोर पंचक07:59 –09:47
  • शुभ मुहूर्त09:47 –11:50
  • रोग पंचक11:50 –14:01
  • शुभ मुहूर्त14:01 –16:10
  • मृत्यु पंचक16:10 –16:47
  • अग्नि पंचक16:47 –18:13
  • शुभ मुहूर्त18:13 –20:15
  • राज पंचक20:15 –21:53
  • शुभ मुहूर्त21:53 –22:21
  • चोर पंचक22:21 –00:33, 18 मार्च
  • शुभ मुहूर्त00:33, 18 मार्च –02:40, 18 मार्च
  • रोग पंचक02:40, 18 मार्च –04:34, 18 मार्च
  • शुभ मुहूर्त04:34, 18 मार्च –06:16, 18 मार्च
  • मृत्यु पंचक06:16, 18 मार्च –06:25, 18 मार्च

बेंगलुरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

बेंगलुरु में 17 मार्च 2024 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:26, सूर्यास्त 18:30।

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