पंचक रहित मुहूर्त · बेंगलुरु

शनिवार, 1 अप्रैल 202306:1618:31

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त06:16 –07:03
  • मृत्यु पंचक07:03 –08:51
  • अग्नि पंचक08:51 –10:54
  • शुभ मुहूर्त10:54 –13:05
  • राज पंचक13:05 –15:14
  • शुभ मुहूर्त15:14 –17:17
  • चोर पंचक17:17 –19:19
  • शुभ मुहूर्त19:19 –21:25
  • रोग पंचक21:25 –23:37
  • शुभ मुहूर्त23:37 –01:44, 2 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक01:44, 2 अप्रैल –03:38, 2 अप्रैल
  • अग्नि पंचक03:38, 2 अप्रैल –04:20, 2 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:20, 2 अप्रैल –04:48, 2 अप्रैल
  • राज पंचक04:48, 2 अप्रैल –05:20, 2 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:20, 2 अप्रैल –06:16, 2 अप्रैल

बेंगलुरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

बेंगलुरु में 1 अप्रैल 2023 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:16, सूर्यास्त 18:31।

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