पंचक रहित मुहूर्त · बेंगलुरु

मंगलवार, 21 फ़रवरी 202306:4018:27

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त06:40 –07:57
  • राज पंचक07:57 –09:00
  • शुभ मुहूर्त09:00 –09:05
  • चोर पंचक09:05 –09:37
  • राज पंचक09:37 –11:25
  • शुभ मुहूर्त11:25 –13:27
  • चोर पंचक13:27 –15:39
  • शुभ मुहूर्त15:39 –17:48
  • रोग पंचक17:48 –19:51
  • शुभ मुहूर्त19:51 –21:52
  • मृत्यु पंचक21:52 –23:59
  • अग्नि पंचक23:59 –02:11, 22 फ़र॰
  • शुभ मुहूर्त02:11, 22 फ़र॰ –04:18, 22 फ़र॰
  • राज पंचक04:18, 22 फ़र॰ –05:58, 22 फ़र॰
  • शुभ मुहूर्त05:58, 22 फ़र॰ –06:11, 22 फ़र॰
  • चोर पंचक06:11, 22 फ़र॰ –06:38, 22 फ़र॰
  • शुभ मुहूर्त06:38, 22 फ़र॰ –06:39, 22 फ़र॰

बेंगलुरु के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

बेंगलुरु में 21 फ़रवरी 2023 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 06:40, सूर्यास्त 18:27।

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