पंचक रहित मुहूर्त · अयोध्या

शनिवार, 4 सितंबर 202705:4218:19

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त05:42 –06:43
  • राज पंचक06:43 –08:58
  • शुभ मुहूर्त08:58 –11:15
  • चोर पंचक11:15 –12:26
  • शुभ मुहूर्त12:26 –13:33
  • रोग पंचक13:33 –14:49
  • शुभ मुहूर्त14:49 –15:37
  • मृत्यु पंचक15:37 –17:21
  • अग्नि पंचक17:21 –18:50
  • शुभ मुहूर्त18:50 –20:17
  • मृत्यु पंचक20:17 –21:54
  • अग्नि पंचक21:54 –23:51
  • शुभ मुहूर्त23:51 –02:05, 5 सित॰
  • राज पंचक02:05, 5 सित॰ –04:24, 5 सित॰
  • शुभ मुहूर्त04:24, 5 सित॰ –05:42, 5 सित॰

अयोध्या के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

अयोध्या में 4 सितंबर 2027 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 05:42, सूर्यास्त 18:19।

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