पंचक रहित मुहूर्त · अमृतसर

गुरुवार, 4 फ़रवरी 202707:2218:07

पंचक रहित मुहूर्त: तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग नौ से भाग देने पर शेष बचता है। शेष 1 मृत्यु, 2 अग्नि, 4 राज, 6 चोर और 8 रोग पंचक है, जो वर्जित हैं; बाकी शुभ हैं।
  • शुभ मुहूर्त07:22 –07:54
  • मृत्यु पंचक07:54 –09:18
  • अग्नि पंचक09:18 –10:40
  • शुभ मुहूर्त10:40 –12:12
  • मृत्यु पंचक12:12 –14:06
  • अग्नि पंचक14:06 –15:32
  • शुभ मुहूर्त15:32 –16:22
  • राज पंचक16:22 –16:31
  • शुभ मुहूर्त16:31 –18:44
  • चोर पंचक18:44 –21:05
  • शुभ मुहूर्त21:05 –23:25
  • रोग पंचक23:25 –01:47, 5 फ़र॰
  • शुभ मुहूर्त01:47, 5 फ़र॰ –04:07, 5 फ़र॰
  • मृत्यु पंचक04:07, 5 फ़र॰ –06:10, 5 फ़र॰
  • अग्नि पंचक06:10, 5 फ़र॰ –07:21, 5 फ़र॰

अमृतसर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

पंचक रहित मुहूर्त

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

पंचक रहित मुहूर्त — प्रश्न और उत्तर

पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

पंचक रहित मुहूर्त में तिथि, वार, नक्षत्र और लग्न का योग करके नौ से भाग दिया जाता है। शेष 1, 2, 4, 6 या 8 होने पर क्रमशः मृत्यु, अग्नि, राज, चोर या रोग पंचक बनता है, जो वर्जित है; अन्य शेष शुभ है। दक्षिण भारतीय पंचांग मुहूर्त को परिष्कृत करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

अमृतसर में 4 फ़रवरी 2027 का पंचक रहित मुहूर्त क्या है?

सूर्योदय 07:22, सूर्यास्त 18:07।

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