शुभ होरा · वाराणसी

मंगलवार, 30 सितंबर 203105:5017:46

दिनसूर्योदय से · 05:50
ग्रहसमय
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें05:50 –06:49
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि06:49 –07:49
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद07:49 –08:49
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद08:49 –09:49
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य09:49 –10:48
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें10:48 –11:48
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ11:48 –12:48
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें12:48 –13:48
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि13:48 –14:47
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद14:47 –15:47
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद15:47 –16:47
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य16:47 –17:46
रातसूर्यास्त से · 17:46
ग्रहसमय
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें17:46 –18:47
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ18:47 –19:47
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें19:47 –20:47
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि20:47 –21:48
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद21:48 –22:48
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद22:48 –23:48
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य23:48 –00:49, 1 अक्टू॰
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें00:49, 1 अक्टू॰ –01:49, 1 अक्टू॰
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ01:49, 1 अक्टू॰ –02:49, 1 अक्टू॰
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें02:49, 1 अक्टू॰ –03:49, 1 अक्टू॰
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि03:49, 1 अक्टू॰ –04:50, 1 अक्टू॰
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद04:50, 1 अक्टू॰ –05:50, 1 अक्टू॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

वाराणसी में 30 सितंबर 2031 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 05:50 पर पहली होरा मंगल की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर