शुभ होरा · वाराणसी

शुक्रवार, 30 मई 203105:0818:43

दिनसूर्योदय से · 05:08
ग्रहसमय
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद05:08 –06:16
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद06:16 –07:24
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य07:24 –08:32
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें08:32 –09:40
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ09:40 –10:48
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें10:48 –11:56
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि11:56 –13:04
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद13:04 –14:12
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद14:12 –15:20
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य15:20 –16:27
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें16:27 –17:35
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ17:35 –18:43
रातसूर्यास्त से · 18:43
ग्रहसमय
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें18:43 –19:35
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि19:35 –20:27
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद20:27 –21:19
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद21:19 –22:12
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य22:12 –23:04
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें23:04 –23:56
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ23:56 –00:48, 31 मई
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें00:48, 31 मई –01:40, 31 मई
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि01:40, 31 मई –02:32, 31 मई
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद02:32, 31 मई –03:24, 31 मई
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद03:24, 31 मई –04:16, 31 मई
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य04:16, 31 मई –05:08, 31 मई

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

वाराणसी में 30 मई 2031 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 05:08 पर पहली होरा शुक्र की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर