शुभ होरा · वाराणसी

गुरुवार, 3 दिसंबर 202606:2817:08

दिनसूर्योदय से · 06:28
ग्रहसमय
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ06:28 –07:21
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें07:21 –08:14
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि08:14 –09:08
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद09:08 –10:01
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद10:01 –10:54
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य10:54 –11:48
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें11:48 –12:41
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ12:41 –13:34
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें13:34 –14:28
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि14:28 –15:21
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद15:21 –16:14
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद16:14 –17:08
रातसूर्यास्त से · 17:08
ग्रहसमय
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य17:08 –18:14
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें18:14 –19:21
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ19:21 –20:28
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें20:28 –21:35
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि21:35 –22:41
शुक्रशुभप्रेम, कला, संगीत, वस्त्र और आभूषण की खरीद22:41 –23:48
बुधशुभअध्ययन, लेखन, हिसाब-किताब, संवाद23:48 –00:55, 4 दिस॰
चन्द्रशुभयात्रा, व्यापार, लोगों से मिलना, जनसंपर्क के सभी कार्य00:55, 4 दिस॰ –02:02, 4 दिस॰
शनिअशुभश्रम, मरम्मत और पुराने कर्ज़ — नए आरंभ से बचें02:02, 4 दिस॰ –03:08, 4 दिस॰
गुरुशुभविवाह वार्ता, धार्मिक कार्य, विद्या, हर शुभ आरंभ03:08, 4 दिस॰ –04:15, 4 दिस॰
मंगलअशुभभूमि-भवन, साहस, खेल — समझौते और नए उद्यम से बचें04:15, 4 दिस॰ –05:22, 4 दिस॰
सूर्यसमसरकारी कार्य, अधिकारियों से मिलना, औषधि05:22, 4 दिस॰ –06:29, 4 दिस॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

शुभ होरा

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

शुभ होरा — प्रश्न और उत्तर

शुभ होरा क्या है?

होरा दिन या रात का बारहवाँ भाग है, जिसके स्वामी क्रम से सात ग्रह होते हैं; दिन की पहली होरा वार के स्वामी की होती है। कार्य के अनुकूल ग्रह की होरा चुनें: शुभ कार्य के लिए गुरु और शुक्र, अध्ययन और व्यापार के लिए बुध, यात्रा के लिए चंद्र।

वाराणसी में 3 दिसंबर 2026 की शुभ होरा क्या है?

सूर्योदय 06:28 पर पहली होरा गुरु की; दिन और रात की 24 होराएँ और हर होरा किस कार्य के लिए शुभ है।

शुभ होरा — अन्य शहर