गौरी पंचांगम · वाराणसी
शुक्रवार, 5 अप्रैल 203005:4618:16
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:46
- सुगम्शुभ05:46 –07:20
- सोरम्अशुभ07:20 –08:53
- उथिशुभ08:53 –10:27
- विषम्अशुभ10:27 –12:01राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ12:01 –13:35
- रोगम्अनिष्ट13:35 –15:09
- लाभम्लाभ15:09 –16:42
- धनम्धन16:42 –18:16
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:16
- रोगम्अनिष्ट18:16 –19:42
- लाभम्लाभ19:42 –21:08
- धनम्धन21:08 –22:34
- सुगम्शुभ22:34 –00:01, 6 अप्रैल
- सोरम्अशुभ00:01, 6 अप्रैल –01:27, 6 अप्रैल
- उथिशुभ01:27, 6 अप्रैल –02:53, 6 अप्रैल
- विषम्अशुभ02:53, 6 अप्रैल –04:19, 6 अप्रैल
- अमिर्दाश्रेष्ठ04:19, 6 अप्रैल –05:45, 6 अप्रैल
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
वाराणसी में 5 अप्रैल 2030 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 05:46, सूर्यास्त 18:16।