गौरी पंचांगम · वाराणसी

बुधवार, 3 अप्रैल 203005:4818:15

दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:48
  • लाभम्लाभ05:48 –07:21
  • धनम्धन07:21 –08:55
  • सुगम्शुभ08:55 –10:28
  • सोरम्अशुभ10:28 –12:02
  • विषम्अशुभ12:02 –13:35राहुकाल
  • उथिशुभ13:35 –15:09
  • अमिर्दाश्रेष्ठ15:09 –16:42
  • रोगम्अनिष्ट16:42 –18:15
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:15
  • उथिशुभ18:15 –19:42
  • अमिर्दाश्रेष्ठ19:42 –21:08
  • रोगम्अनिष्ट21:08 –22:35
  • लाभम्लाभ22:35 –00:01, 4 अप्रैल
  • धनम्धन00:01, 4 अप्रैल –01:28, 4 अप्रैल
  • सुगम्शुभ01:28, 4 अप्रैल –02:54, 4 अप्रैल
  • सोरम्अशुभ02:54, 4 अप्रैल –04:20, 4 अप्रैल
  • विषम्अशुभ04:20, 4 अप्रैल –05:47, 4 अप्रैल

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

गौरी पंचांगम

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर

गौरी पंचांगम क्या है?

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

वाराणसी में 3 अप्रैल 2030 का गौरी पंचांगम क्या है?

सूर्योदय 05:48, सूर्यास्त 18:15।

गौरी पंचांगम — अन्य शहर