गौरी पंचांगम · वाराणसी

सोमवार, 4 अक्टूबर 202705:5117:42

दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 05:51
  • अमिर्दाश्रेष्ठ05:51 –07:20
  • विषम्अशुभ07:20 –08:49राहुकाल
  • रोगम्अनिष्ट08:49 –10:18
  • लाभम्लाभ10:18 –11:47
  • धनम्धन11:47 –13:16
  • सुगम्शुभ13:16 –14:45
  • सोरम्अशुभ14:45 –16:13
  • उथिशुभ16:13 –17:42
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:42
  • सुगम्शुभ17:42 –19:13
  • सोरम्अशुभ19:13 –20:45
  • उथिशुभ20:45 –22:16
  • अमिर्दाश्रेष्ठ22:16 –23:47
  • विषम्अशुभ23:47 –01:18, 5 अक्टू॰
  • रोगम्अनिष्ट01:18, 5 अक्टू॰ –02:49, 5 अक्टू॰
  • लाभम्लाभ02:49, 5 अक्टू॰ –04:21, 5 अक्टू॰
  • धनम्धन04:21, 5 अक्टू॰ –05:52, 5 अक्टू॰

वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

गौरी पंचांगम

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर

गौरी पंचांगम क्या है?

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

वाराणसी में 4 अक्टूबर 2027 का गौरी पंचांगम क्या है?

सूर्योदय 05:51, सूर्यास्त 17:42।

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