गौरी पंचांगम · वाराणसी
बुधवार, 4 नवंबर 202606:0817:15
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:08
- लाभम्लाभ06:08 –07:31
- धनम्धन07:31 –08:55
- सुगम्शुभ08:55 –10:18
- सोरम्अशुभ10:18 –11:42
- विषम्अशुभ11:42 –13:05राहुकाल
- उथिशुभ13:05 –14:29
- अमिर्दाश्रेष्ठ14:29 –15:52
- रोगम्अनिष्ट15:52 –17:15
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:15
- उथिशुभ17:15 –18:52
- अमिर्दाश्रेष्ठ18:52 –20:29
- रोगम्अनिष्ट20:29 –22:05
- लाभम्लाभ22:05 –23:42
- धनम्धन23:42 –01:18, 5 नव॰
- सुगम्शुभ01:18, 5 नव॰ –02:55, 5 नव॰
- सोरम्अशुभ02:55, 5 नव॰ –04:32, 5 नव॰
- विषम्अशुभ04:32, 5 नव॰ –06:08, 5 नव॰
वाराणसी के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
वाराणसी में 4 नवंबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:08, सूर्यास्त 17:15।