गौरी पंचांगम · श्रीनगर
सोमवार, 4 अक्टूबर 202706:2718:12
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:27
- अमिर्दाश्रेष्ठ06:27 –07:55
- विषम्अशुभ07:55 –09:23राहुकाल
- रोगम्अनिष्ट09:23 –10:51
- लाभम्लाभ10:51 –12:19
- धनम्धन12:19 –13:47
- सुगम्शुभ13:47 –15:16
- सोरम्अशुभ15:16 –16:44
- उथिशुभ16:44 –18:12
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:12
- सुगम्शुभ18:12 –19:44
- सोरम्अशुभ19:44 –21:16
- उथिशुभ21:16 –22:48
- अमिर्दाश्रेष्ठ22:48 –00:20, 5 अक्टू॰
- विषम्अशुभ00:20, 5 अक्टू॰ –01:52, 5 अक्टू॰
- रोगम्अनिष्ट01:52, 5 अक्टू॰ –03:24, 5 अक्टू॰
- लाभम्लाभ03:24, 5 अक्टू॰ –04:56, 5 अक्टू॰
- धनम्धन04:56, 5 अक्टू॰ –06:28, 5 अक्टू॰
श्रीनगर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
श्रीनगर में 4 अक्टूबर 2027 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:27, सूर्यास्त 18:12।