गौरी पंचांगम · प्रयागराज
बुधवार, 21 अक्टूबर 202606:0417:30
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:04
- लाभम्लाभ06:04 –07:30
- धनम्धन07:30 –08:56
- सुगम्शुभ08:56 –10:21
- सोरम्अशुभ10:21 –11:47
- विषम्अशुभ11:47 –13:13राहुकाल
- उथिशुभ13:13 –14:39
- अमिर्दाश्रेष्ठ14:39 –16:04
- रोगम्अनिष्ट16:04 –17:30
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:30
- उथिशुभ17:30 –19:05
- अमिर्दाश्रेष्ठ19:05 –20:39
- रोगम्अनिष्ट20:39 –22:13
- लाभम्लाभ22:13 –23:47
- धनम्धन23:47 –01:22, 22 अक्टू॰
- सुगम्शुभ01:22, 22 अक्टू॰ –02:56, 22 अक्टू॰
- सोरम्अशुभ02:56, 22 अक्टू॰ –04:30, 22 अक्टू॰
- विषम्अशुभ04:30, 22 अक्टू॰ –06:05, 22 अक्टू॰
प्रयागराज के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
प्रयागराज में 21 अक्टूबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:04, सूर्यास्त 17:30।