गौरी पंचांगम · नासिक
सोमवार, 4 जनवरी 202707:1118:09
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 07:11
- अमिर्दाश्रेष्ठ07:11 –08:33
- विषम्अशुभ08:33 –09:55राहुकाल
- रोगम्अनिष्ट09:55 –11:17
- लाभम्लाभ11:17 –12:40
- धनम्धन12:40 –14:02
- सुगम्शुभ14:02 –15:24
- सोरम्अशुभ15:24 –16:46
- उथिशुभ16:46 –18:09
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:09
- सुगम्शुभ18:09 –19:46
- सोरम्अशुभ19:46 –21:24
- उथिशुभ21:24 –23:02
- अमिर्दाश्रेष्ठ23:02 –00:40, 5 जन॰
- विषम्अशुभ00:40, 5 जन॰ –02:18, 5 जन॰
- रोगम्अनिष्ट02:18, 5 जन॰ –03:55, 5 जन॰
- लाभम्लाभ03:55, 5 जन॰ –05:33, 5 जन॰
- धनम्धन05:33, 5 जन॰ –07:11, 5 जन॰
नासिक के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
नासिक में 4 जनवरी 2027 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 07:11, सूर्यास्त 18:09।