गौरी पंचांगम · नासिक
शुक्रवार, 4 दिसंबर 202606:5517:55
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:55
- सुगम्शुभ06:55 –08:18
- सोरम्अशुभ08:18 –09:40
- उथिशुभ09:40 –11:02
- विषम्अशुभ11:02 –12:25राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ12:25 –13:47
- रोगम्अनिष्ट13:47 –15:10
- लाभम्लाभ15:10 –16:32
- धनम्धन16:32 –17:55
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:55
- रोगम्अनिष्ट17:55 –19:32
- लाभम्लाभ19:32 –21:10
- धनम्धन21:10 –22:48
- सुगम्शुभ22:48 –00:25, 5 दिस॰
- सोरम्अशुभ00:25, 5 दिस॰ –02:03, 5 दिस॰
- उथिशुभ02:03, 5 दिस॰ –03:40, 5 दिस॰
- विषम्अशुभ03:40, 5 दिस॰ –05:18, 5 दिस॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ05:18, 5 दिस॰ –06:56, 5 दिस॰
नासिक के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
नासिक में 4 दिसंबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:55, सूर्यास्त 17:55।