गौरी पंचांगम · नासिक
शुक्रवार, 4 सितंबर 202606:2018:48
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:20
- सुगम्शुभ06:20 –07:53
- सोरम्अशुभ07:53 –09:27
- उथिशुभ09:27 –11:00
- विषम्अशुभ11:00 –12:34राहुकाल
- अमिर्दाश्रेष्ठ12:34 –14:07
- रोगम्अनिष्ट14:07 –15:41
- लाभम्लाभ15:41 –17:14
- धनम्धन17:14 –18:48
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:48
- रोगम्अनिष्ट18:48 –20:14
- लाभम्लाभ20:14 –21:41
- धनम्धन21:41 –23:07
- सुगम्शुभ23:07 –00:34, 5 सित॰
- सोरम्अशुभ00:34, 5 सित॰ –02:00, 5 सित॰
- उथिशुभ02:00, 5 सित॰ –03:27, 5 सित॰
- विषम्अशुभ03:27, 5 सित॰ –04:54, 5 सित॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ04:54, 5 सित॰ –06:20, 5 सित॰
नासिक के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
नासिक में 4 सितंबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 18:48।