गौरी पंचांगम · नासिक

शनिवार, 4 जुलाई 202606:0019:18

दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:00
  • सोरम्अशुभ06:00 –07:40
  • उथिशुभ07:40 –09:20
  • विषम्अशुभ09:20 –10:59राहुकाल
  • अमिर्दाश्रेष्ठ10:59 –12:39
  • रोगम्अनिष्ट12:39 –14:19
  • लाभम्लाभ14:19 –15:59
  • धनम्धन15:59 –17:39
  • सुगम्शुभ17:39 –19:18
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 19:18
  • लाभम्लाभ19:18 –20:39
  • धनम्धन20:39 –21:59
  • सुगम्शुभ21:59 –23:19
  • सोरम्अशुभ23:19 –00:39, 5 जुल॰
  • उथिशुभ00:39, 5 जुल॰ –02:00, 5 जुल॰
  • विषम्अशुभ02:00, 5 जुल॰ –03:20, 5 जुल॰
  • अमिर्दाश्रेष्ठ03:20, 5 जुल॰ –04:40, 5 जुल॰
  • सोरम्अशुभ04:40, 5 जुल॰ –06:00, 5 जुल॰

नासिक के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

गौरी पंचांगम

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर

गौरी पंचांगम क्या है?

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

नासिक में 4 जुलाई 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?

सूर्योदय 06:00, सूर्यास्त 19:18।

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