गौरी पंचांगम · नासिक
रविवार, 4 जनवरी 202607:1118:09
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 07:11
- उथिशुभ07:11 –08:33
- अमिर्दाश्रेष्ठ08:33 –09:55
- रोगम्अनिष्ट09:55 –11:17
- लाभम्लाभ11:17 –12:40
- धनम्धन12:40 –14:02
- सुगम्शुभ14:02 –15:24
- सोरम्अशुभ15:24 –16:46
- विषम्अशुभ16:46 –18:09राहुकाल
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:09
- धनम्धन18:09 –19:47
- सुगम्शुभ19:47 –21:24
- सोरम्अशुभ21:24 –23:02
- विषम्अशुभ23:02 –00:40, 5 जन॰
- उथिशुभ00:40, 5 जन॰ –02:18, 5 जन॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ02:18, 5 जन॰ –03:55, 5 जन॰
- रोगम्अनिष्ट03:55, 5 जन॰ –05:33, 5 जन॰
- लाभम्लाभ05:33, 5 जन॰ –07:11, 5 जन॰
नासिक के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
नासिक में 4 जनवरी 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 07:11, सूर्यास्त 18:09।