गौरी पंचांगम · जम्मू
रविवार, 4 अप्रैल 202706:1518:52
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:15
- उथिशुभ06:15 –07:50
- अमिर्दाश्रेष्ठ07:50 –09:25
- रोगम्अनिष्ट09:25 –10:59
- लाभम्लाभ10:59 –12:34
- धनम्धन12:34 –14:09
- सुगम्शुभ14:09 –15:43
- सोरम्अशुभ15:43 –17:18
- विषम्अशुभ17:18 –18:52राहुकाल
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:52
- धनम्धन18:52 –20:18
- सुगम्शुभ20:18 –21:43
- सोरम्अशुभ21:43 –23:08
- विषम्अशुभ23:08 –00:33, 5 अप्रैल
- उथिशुभ00:33, 5 अप्रैल –01:59, 5 अप्रैल
- अमिर्दाश्रेष्ठ01:59, 5 अप्रैल –03:24, 5 अप्रैल
- रोगम्अनिष्ट03:24, 5 अप्रैल –04:49, 5 अप्रैल
- लाभम्लाभ04:49, 5 अप्रैल –06:14, 5 अप्रैल
जम्मू के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जम्मू में 4 अप्रैल 2027 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:52।