गौरी पंचांगम · जयपुर
रविवार, 14 नवंबर 202706:4517:37
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:45
- उथिशुभ06:45 –08:07
- अमिर्दाश्रेष्ठ08:07 –09:28
- रोगम्अनिष्ट09:28 –10:50
- लाभम्लाभ10:50 –12:11
- धनम्धन12:11 –13:32
- सुगम्शुभ13:32 –14:54
- सोरम्अशुभ14:54 –16:15
- विषम्अशुभ16:15 –17:37राहुकाल
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:37
- धनम्धन17:37 –19:15
- सुगम्शुभ19:15 –20:54
- सोरम्अशुभ20:54 –22:33
- विषम्अशुभ22:33 –00:11, 15 नव॰
- उथिशुभ00:11, 15 नव॰ –01:50, 15 नव॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ01:50, 15 नव॰ –03:29, 15 नव॰
- रोगम्अनिष्ट03:29, 15 नव॰ –05:07, 15 नव॰
- लाभम्लाभ05:07, 15 नव॰ –06:46, 15 नव॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 14 नवंबर 2027 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:45, सूर्यास्त 17:37।