गौरी पंचांगम · जयपुर
गुरुवार, 14 अक्टूबर 202706:2618:00
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:26
- धनम्धन06:26 –07:52
- सुगम्शुभ07:52 –09:19
- सोरम्अशुभ09:19 –10:46
- उथिशुभ10:46 –12:13
- अमिर्दाश्रेष्ठ12:13 –13:40
- विषम्अशुभ13:40 –15:06राहुकाल
- रोगम्अनिष्ट15:06 –16:33
- लाभम्लाभ16:33 –18:00
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:00
- अमिर्दाश्रेष्ठ18:00 –19:33
- विषम्अशुभ19:33 –21:07
- रोगम्अनिष्ट21:07 –22:40
- लाभम्लाभ22:40 –00:13, 15 अक्टू॰
- धनम्धन00:13, 15 अक्टू॰ –01:46, 15 अक्टू॰
- सुगम्शुभ01:46, 15 अक्टू॰ –03:20, 15 अक्टू॰
- सोरम्अशुभ03:20, 15 अक्टू॰ –04:53, 15 अक्टू॰
- उथिशुभ04:53, 15 अक्टू॰ –06:26, 15 अक्टू॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 14 अक्टूबर 2027 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:26, सूर्यास्त 18:00।