गौरी पंचांगम · जयपुर
रविवार, 10 अक्टूबर 202706:2318:04
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:23
- उथिशुभ06:23 –07:51
- अमिर्दाश्रेष्ठ07:51 –09:19
- रोगम्अनिष्ट09:19 –10:46
- लाभम्लाभ10:46 –12:14
- धनम्धन12:14 –13:41
- सुगम्शुभ13:41 –15:09
- सोरम्अशुभ15:09 –16:37
- विषम्अशुभ16:37 –18:04राहुकाल
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:04
- धनम्धन18:04 –19:37
- सुगम्शुभ19:37 –21:09
- सोरम्अशुभ21:09 –22:42
- विषम्अशुभ22:42 –00:14, 11 अक्टू॰
- उथिशुभ00:14, 11 अक्टू॰ –01:47, 11 अक्टू॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ01:47, 11 अक्टू॰ –03:19, 11 अक्टू॰
- रोगम्अनिष्ट03:19, 11 अक्टू॰ –04:51, 11 अक्टू॰
- लाभम्लाभ04:51, 11 अक्टू॰ –06:24, 11 अक्टू॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 10 अक्टूबर 2027 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:23, सूर्यास्त 18:04।