गौरी पंचांगम · जयपुर
रविवार, 3 अक्टूबर 202706:2018:12
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:20
- उथिशुभ06:20 –07:49
- अमिर्दाश्रेष्ठ07:49 –09:18
- रोगम्अनिष्ट09:18 –10:47
- लाभम्लाभ10:47 –12:16
- धनम्धन12:16 –13:45
- सुगम्शुभ13:45 –15:14
- सोरम्अशुभ15:14 –16:43
- विषम्अशुभ16:43 –18:12राहुकाल
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 18:12
- धनम्धन18:12 –19:43
- सुगम्शुभ19:43 –21:14
- सोरम्अशुभ21:14 –22:45
- विषम्अशुभ22:45 –00:16, 4 अक्टू॰
- उथिशुभ00:16, 4 अक्टू॰ –01:47, 4 अक्टू॰
- अमिर्दाश्रेष्ठ01:47, 4 अक्टू॰ –03:18, 4 अक्टू॰
- रोगम्अनिष्ट03:18, 4 अक्टू॰ –04:49, 4 अक्टू॰
- लाभम्लाभ04:49, 4 अक्टू॰ –06:21, 4 अक्टू॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 3 अक्टूबर 2027 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:20, सूर्यास्त 18:12।