गौरी पंचांगम · जयपुर
बुधवार, 4 नवंबर 202606:3817:42
दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:38
- लाभम्लाभ06:38 –08:01
- धनम्धन08:01 –09:24
- सुगम्शुभ09:24 –10:47
- सोरम्अशुभ10:47 –12:10
- विषम्अशुभ12:10 –13:33राहुकाल
- उथिशुभ13:33 –14:56
- अमिर्दाश्रेष्ठ14:56 –16:19
- रोगम्अनिष्ट16:19 –17:42
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:42
- उथिशुभ17:42 –19:19
- अमिर्दाश्रेष्ठ19:19 –20:56
- रोगम्अनिष्ट20:56 –22:33
- लाभम्लाभ22:33 –00:11, 5 नव॰
- धनम्धन00:11, 5 नव॰ –01:48, 5 नव॰
- सुगम्शुभ01:48, 5 नव॰ –03:25, 5 नव॰
- सोरम्अशुभ03:25, 5 नव॰ –05:02, 5 नव॰
- विषम्अशुभ05:02, 5 नव॰ –06:39, 5 नव॰
जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।
गौरी पंचांगम
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
इस दिन के लिए और
गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर
गौरी पंचांगम क्या है?
तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।
जयपुर में 4 नवंबर 2026 का गौरी पंचांगम क्या है?
सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 17:42।