पंचांग · बुधवार, 4 नवंबर 2026जयपुर

आश्विन · कृष्ण दशमी · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:38सूर्योदय17:42सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण दशमी
कृष्ण · 11:03 तक
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी
03:30, 5 नव॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3817:42
बुधवार · बुध
राहु काल
12:10 –13:33
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:38दिन17:42
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
भद्रा
वर्ज्य
यमगंड
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
राहु काल
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:42रात06:39
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण दशमी
    11:03 तक
  2. कृष्ण एकादशी
    10:36, 5 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र
    03:30, 5 नव॰ तक
  2. उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य
    03:55, 6 नव॰ तक
योग
  1. ब्रह्मा
    08:00 तक
  2. इन्द्र
    06:26, 5 नव॰ तक
  3. वैधृति
    05:09, 6 नव॰ तक
करण
  1. विष्टि
    11:03 तक
  2. बव
    22:47 तक
  3. बालव
    10:36, 5 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:38
बिंब मध्य 06:42
सूर्यास्त
17:42
बिंब मध्य 17:38
चंद्रोदय
01:50
चंद्रास्त
14:40
दिनमान
11h 4m
वार
बुधवार · बुध
चंद्र राशि
सिंह
09:34, 5 नव॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:55 –05:47
  • प्रातः संध्या05:21 –06:38
  • अभिजित मुहूर्त11:48 –12:32
  • विजय मुहूर्त14:01 –14:45
  • गोधूलि मुहूर्त17:42 –18:08
  • सायाह्न संध्या17:42 –19:00
  • निशीथ मुहूर्त23:45 –00:37, 5 नव॰
  • अमृत काल21:05 –22:41
इन समयों से बचें
  • राहु काल12:10 –13:33
  • यमगंड08:01 –09:24
  • गुलिक काल10:47 –12:10
  • दुर्मुहूर्त11:48 –12:32
  • वर्ज्य11:27 –13:03
  • भद्रा06:38 –11:03

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • लाभ06:38 – 08:01
  • अमृत08:01 – 09:24
  • काल09:24 – 10:47
  • शुभ10:47 – 12:10
  • रोग12:10 – 13:33
  • उद्वेग13:33 – 14:56
  • चर14:56 – 16:19
  • लाभ16:19 – 17:42
रात
  • उद्वेग17:42 – 19:19
  • शुभ19:19 – 20:56
  • अमृत20:56 – 22:33
  • चर22:33 – 00:11
  • रोग00:11 – 01:48
  • काल01:48 – 03:25
  • लाभ03:25 – 05:02
  • उद्वेग05:02 – 06:39

होरा

दिन
  • बुध06:38–07:34
  • चन्द्र07:34–08:29
  • शनि08:29–09:24
  • गुरु09:24–10:20
  • मंगल10:20–11:15
  • सूर्य11:15–12:10
  • शुक्र12:10–13:06
  • बुध13:06–14:01
  • चन्द्र14:01–14:56
  • शनि14:56–15:51
  • गुरु15:51–16:47
  • मंगल16:47–17:42
रात
  • सूर्य17:42–18:47
  • शुक्र18:47–19:52
  • बुध19:52–20:56
  • चन्द्र20:56–22:01
  • शनि22:01–23:06
  • गुरु23:06–00:11
  • मंगल00:11–01:15
  • सूर्य01:15–02:20
  • शुक्र02:20–03:25
  • बुध03:25–04:30
  • चन्द्र04:30–05:34
  • शनि05:34–06:39

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्व फाल्गुनी 1 पद09:25 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 2 पद15:25 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 3 पद21:27 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 4 पद03:30, 5 नव॰ तक
  • उत्तर फाल्गुनी 1 पद09:34, 5 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 4 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 4m
रात्रिमान
12h 57m
मध्याह्न
12:10

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्व फाल्गुनी · 03:30, 5 नव॰ तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तर फाल्गुनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पाताल · 11:03 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 11:03 तककैलाश पर
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक06:38 –07:40
  • शुभ मुहूर्त07:40 –09:58
  • राज पंचक09:58 –11:03
  • शुभ मुहूर्त11:03 –12:02
  • चोर पंचक12:02 –13:46
  • शुभ मुहूर्त13:46 –15:15
  • रोग पंचक15:15 –16:42
  • चोर पंचक16:42 –18:19
  • शुभ मुहूर्त18:19 –20:15
  • रोग पंचक20:15 –22:29
  • शुभ मुहूर्त22:29 –00:48, 5 नव॰
  • मृत्यु पंचक00:48 –03:04, 5 नव॰
  • अग्नि पंचक03:04 –03:30, 5 नव॰
  • शुभ मुहूर्त03:30 –05:18, 5 नव॰
  • राज पंचक05:18 –06:39, 5 नव॰

उदय लग्न

  • तुला05:22 –07:40
  • वृश्चिक07:40 –09:58
  • धनु09:58 –12:02
  • मकर12:02 –13:46
  • कुम्भ13:46 –15:15
  • मीन15:15 –16:42
  • मेष16:42 –18:19
  • वृषभ18:19 –20:15
  • मिथुन20:15 –22:29
  • कर्क22:29 –00:48, 5 नव॰
  • सिंह00:48 –03:04, 5 नव॰
  • कन्या03:04 –05:18, 5 नव॰
  • तुला05:18 –07:36, 5 नव॰

पंचांग · जयपुर, 4 नवंबर 2026

बुधवार, 4 नवंबर 2026 को जयपुर में सूर्योदय 06:38 और सूर्यास्त 17:42 पर है। तिथि कृष्ण दशमी 11:03 तक, फिर कृष्ण एकादशी; नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 5 नवंबर 03:30 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी; योग ब्रह्मा 08:00 तक, फिर इन्द्र; करण विष्टि 11:03 तक, फिर बव। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 12:10–13:33, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:32। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 4 नवंबर 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण दशमी 11:03 तक, फिर कृष्ण एकादशी (सूर्योदय 06:38, जयपुर)।

4 नवंबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्व फाल्गुनी 5 नवंबर 03:30 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 5 नवंबर 09:34 तक।

जयपुर में 4 नवंबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 12:10–13:33, यमगण्ड 08:01–09:24, गुलिक काल 10:47–12:10।

जयपुर में 4 नवंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 17:42, चंद्रोदय 01:50 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 नवंबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:48–12:32, ब्रह्म मुहूर्त 04:55–05:47। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2320° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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