पंचांग · मंगलवार, 3 नवंबर 2026जयपुर

आश्विन · कृष्ण नवमी · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:38सूर्योदय17:43सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण नवमी
कृष्ण · 11:55 तक
नक्षत्र
मघा
03:26, 4 नव॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3817:43
मंगलवार · मंगल
राहु काल
14:56 –16:20
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:38दिन17:43
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
वर्ज्य
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:43रात06:38
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
भद्रा
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण नवमी
    11:55 तक
  2. कृष्ण दशमी
    11:03, 4 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. मघास्वामी केतु
    03:26, 4 नव॰ तक
  2. पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र
    03:30, 5 नव॰ तक
योग
  1. शुक्ल
    09:53 तक
  2. ब्रह्मा
    08:00, 4 नव॰ तक
करण
  1. गर
    11:55 तक
  2. वणिज
    23:26 तक
  3. विष्टि
    11:03, 4 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:38
बिंब मध्य 06:41
सूर्यास्त
17:43
बिंब मध्य 17:38
चंद्रोदय
00:49
चंद्रास्त
14:07
दिनमान
11h 5m
वार
मंगलवार · मंगल
चंद्र राशि
सिंह
09:34, 5 नव॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:55 –05:46
  • प्रातः संध्या05:20 –06:38
  • अभिजित मुहूर्त11:48 –12:32
  • विजय मुहूर्त14:01 –14:45
  • गोधूलि मुहूर्त17:43 –18:09
  • सायाह्न संध्या17:43 –19:00
  • निशीथ मुहूर्त23:45 –00:36, 4 नव॰
  • अमृत काल01:04 –02:39, 4 नव॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:56 –16:20
  • यमगंड09:24 –10:47
  • गुलिक काल12:10 –13:33
  • दुर्मुहूर्त08:51 –09:35
  • दुर्मुहूर्त22:53 –23:45
  • वर्ज्य15:36 –17:11
  • गंड मूल06:38 –03:26, 4 नव॰
  • भद्रा23:26 –06:38, 4 नव॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • रोग06:38 – 08:01
  • उद्वेग08:01 – 09:24
  • चर09:24 – 10:47
  • लाभ10:47 – 12:10
  • अमृत12:10 – 13:33
  • काल13:33 – 14:56
  • शुभ14:56 – 16:20
  • रोग16:20 – 17:43
रात
  • काल17:43 – 19:20
  • लाभ19:20 – 20:57
  • उद्वेग20:57 – 22:34
  • शुभ22:34 – 00:11
  • अमृत00:11 – 01:48
  • चर01:48 – 03:25
  • रोग03:25 – 05:01
  • काल05:01 – 06:38

होरा

दिन
  • मंगल06:38–07:33
  • सूर्य07:33–08:29
  • शुक्र08:29–09:24
  • बुध09:24–10:19
  • चन्द्र10:19–11:15
  • शनि11:15–12:10
  • गुरु12:10–13:06
  • मंगल13:06–14:01
  • सूर्य14:01–14:56
  • शुक्र14:56–15:52
  • बुध15:52–16:47
  • चन्द्र16:47–17:43
रात
  • शनि17:43–18:47
  • गुरु18:47–19:52
  • मंगल19:52–20:57
  • सूर्य20:57–22:01
  • शुक्र22:01–23:06
  • बुध23:06–00:11
  • चन्द्र00:11–01:15
  • शनि01:15–02:20
  • गुरु02:20–03:25
  • मंगल03:25–04:29
  • सूर्य04:29–05:34
  • शुक्र05:34–06:38

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • मघा 1 पद09:39 तक
  • मघा 2 पद15:33 तक
  • मघा 3 पद21:29 तक
  • मघा 4 पद03:26, 4 नव॰ तक
  • पूर्व फाल्गुनी 1 पद09:25, 4 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 3 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 5m
रात्रिमान
12h 55m
मध्याह्न
12:10

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
मघा · 03:26, 4 नव॰ तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
पूर्व फाल्गुनी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पश्चिम
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 11:55 तकआकाश
शिववास
सभा में · 11:55 तकक्रीड़ा में
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक06:38 –07:44
  • शुभ मुहूर्त07:44 –10:02
  • मृत्यु पंचक10:02 –11:55
  • अग्नि पंचक11:55 –12:06
  • शुभ मुहूर्त12:06 –13:50
  • राज पंचक13:50 –15:19
  • शुभ मुहूर्त15:19 –18:23
  • राज पंचक18:23 –20:19
  • शुभ मुहूर्त20:19 –22:33
  • चोर पंचक22:33 –00:52, 4 नव॰
  • शुभ मुहूर्त00:52 –03:08, 4 नव॰
  • रोग पंचक03:08 –03:26, 4 नव॰
  • शुभ मुहूर्त03:26 –05:22, 4 नव॰
  • मृत्यु पंचक05:22 –06:38, 4 नव॰

उदय लग्न

  • तुला05:26 –07:44
  • वृश्चिक07:44 –10:02
  • धनु10:02 –12:06
  • मकर12:06 –13:50
  • कुम्भ13:50 –15:19
  • मीन15:19 –16:46
  • मेष16:46 –18:23
  • वृषभ18:23 –20:19
  • मिथुन20:19 –22:33
  • कर्क22:33 –00:52, 4 नव॰
  • सिंह00:52 –03:08, 4 नव॰
  • कन्या03:08 –05:22, 4 नव॰
  • तुला05:22 –07:40, 4 नव॰

पंचांग · जयपुर, 3 नवंबर 2026

मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को जयपुर में सूर्योदय 06:38 और सूर्यास्त 17:43 पर है। तिथि कृष्ण नवमी 11:55 तक, फिर कृष्ण दशमी; नक्षत्र मघा 4 नवंबर 03:26 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी; योग शुक्ल 09:53 तक, फिर ब्रह्मा; करण गर 11:55 तक, फिर वणिज। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 14:56–16:20, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:32। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 3 नवंबर 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण नवमी 11:55 तक, फिर कृष्ण दशमी (सूर्योदय 06:38, जयपुर)।

3 नवंबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

मघा 4 नवंबर 03:26 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 5 नवंबर 09:34 तक।

जयपुर में 3 नवंबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:56–16:20, यमगण्ड 09:24–10:47, गुलिक काल 12:10–13:33।

जयपुर में 3 नवंबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:38, सूर्यास्त 17:43, चंद्रोदय 00:49 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

3 नवंबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:48–12:32, ब्रह्म मुहूर्त 04:55–05:46। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2320° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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