गौरी पंचांगम · जयपुर

गुरुवार, 17 अक्टूबर 202406:2817:56

दिन का गौरी पंचांगमसूर्योदय से · 06:28
  • धनम्धन06:28 –07:54
  • सुगम्शुभ07:54 –09:20
  • सोरम्अशुभ09:20 –10:46
  • उथिशुभ10:46 –12:12
  • अमिर्दाश्रेष्ठ12:12 –13:38
  • विषम्अशुभ13:38 –15:04राहुकाल
  • रोगम्अनिष्ट15:04 –16:30
  • लाभम्लाभ16:30 –17:56
रात का गौरी पंचांगमसूर्यास्त से · 17:56
  • अमिर्दाश्रेष्ठ17:56 –19:30
  • विषम्अशुभ19:30 –21:04
  • रोगम्अनिष्ट21:04 –22:38
  • लाभम्लाभ22:38 –00:12, 18 अक्टू॰
  • धनम्धन00:12, 18 अक्टू॰ –01:46, 18 अक्टू॰
  • सुगम्शुभ01:46, 18 अक्टू॰ –03:20, 18 अक्टू॰
  • सोरम्अशुभ03:20, 18 अक्टू॰ –04:54, 18 अक्टू॰
  • उथिशुभ04:54, 18 अक्टू॰ –06:28, 18 अक्टू॰

जयपुर के समय (UTC+5:30)। हिंदू दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक चलता है। सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से लिए गए हैं, जैसे दृक् पंचांग में; हर किनारा निकटतम मिनट तक पूर्णांकित।

गौरी पंचांगम

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

गौरी पंचांगम — प्रश्न और उत्तर

गौरी पंचांगम क्या है?

तमिलनाडु में प्रचलित गौरी पंचांगम दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटता है। अमिरधा, उथि, लाभम, धनम और सुगम शुभ (नल्ल नेरम) हैं; रोगम, सोरम और विषम वर्जित हैं।

जयपुर में 17 अक्टूबर 2024 का गौरी पंचांगम क्या है?

सूर्योदय 06:28, सूर्यास्त 17:56।

गौरी पंचांगम — अन्य शहर